हमर छत्तीसगढ़ - जाने छत्तीसगढ़ की खास बातें (Special things of Chhattisgarh in Hindi)
छत्तीसगढ़ में ऐसी बहुत सी बाते है, जो छत्तीसगढ़ को खास बनाती है। जो छत्तीसगढ़ राज्य को भारत के अन्य राज्यों से अलग करती है। यहाँ कि संस्कृति और त्यौहार पुरे देश में प्रसिद्ध है। आइये जानते है छत्तीसगढ़ कि खास बातें - chhattisgarh
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)
- छत्तीसगढ़ के बारे में समान्य जानकारी
- छत्तीसगढ़ का पुराना नाम व जिला
- छत्तीसगढ़ की संस्कृति
- छत्तीसगढ़ की राजधानी
- प्रमुख व्यंजन
- छत्तीसगढ़ के त्यौहार
- छत्तीसगढ़ की खास बात
- निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ के बारे में सामान्य जानकारी:-
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की स्थापना 1 नवम्बर सन 2000 में हुई थी। सन् 2000 से पहले यह राज्य मध्यप्रदेश का हिस्सा था, मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग होने के बाद छत्तीसगढ़ को भारत में 26 वें राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। छत्तीसगढ़ राज्य का क्षेत्रफल 135,192 km² है जो भारत के कुल क्षेत्रफल का 4.11 प्रतिशत है 2022 में छत्तीसगढ़ की कुल जनसंख्या लगभग 33,744,210 है।
छत्तीसगढ़ में 33 जिले है, मध्यप्रदेश से अलग होते समय छत्तीसगढ़ में 16 जिले थे जो 2022 में 33 हो गये है। ऐसा कहा जाता है की, किसी समय इस क्षेत्र में 36गढ़ थे इसलिए इसका नाम छत्तीसगढ़ पड़ा। छत्तीसगढ़ में धान की फसल अधिक होने के वजह से इसे "धान का कटोरा " भी कहा जाता है।
छत्तीसगढ़ का पुराना नाम व जिलो का नाम:-
छत्तीसगढ़ "छत्तीस " अर्थात 36 और गढ़ अर्थात "किला" (fort) होता है। प्राचीन काल में इस क्षेत्र को "दक्षिण कोसल " कहा जाता है।
जिलो के नाम:- छत्तीसगढ़ के जिलो के नाम निम्न है-
- कवर्धा जिला
- कांकेर जिला
- धमतरी जिला
- रायपुर जिला
- दुर्ग जिला
- भिलाई जिला
- बिलासपुर जिला
- कोरबा जिला
- कोरिया जिला
- जशपुर जिला
- बस्तर जिला
- राजनांदगांव जिला
- मुंगेली जिला
- रायगढ़ जिला
- बालोद जिला
- सूरजपुर जिला
- गरियाबांध जिला
- सुकमा जिला
- जांजगीर-चंपा जिला
- महेन्द्रगढ़ - चिरमिरी - भरतपुर जिला
- मोहला - मानपुर जिला
- कोंडागावं जिला
- बीजापुर जिला
- बलरामपुर जिला
- गौरेला- पेंड्रा - मरवाही जिला
- खेरागढ़ - छुईखदान - गंडई जिला
- बलोदाबजार जिला
- महासमुंद जिला
- दंतेवाडा जिला
- सक्ती जिला
- नारायणपुर जिला
- सारंगढ़ - बिलाईगढ़ जिला
- सरगुजा जिला
छत्तीसगढ़ की संस्कृति (Culture of Chhattisgarh):-
भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में "छत्तीसगढ़ी " भाषा का प्रयोग किया जाता है। छत्तीसगढ़ी 2 करोड़ लोग की मातृभाषा है छत्तीसगढ़ राज्य में 93 के करीब बोलिया बोली जाती है। उड़ीसा से जुड़े होने के कारण यहाँ के कुछ ग्रामीण इलाको में "उड़िया " भाषा का प्रयोग किया जाता है।
वेशभूषा :- छत्तीसगढ़ की वेशभूषा पुरुष "धोती कुरता" तथा "गमछा" पहनते है सर में पगड़ी का प्रयोग करते है। पैरो में जूता "भदई" पहनते है वही महिलाये "लुगरा पोलगा" (साड़ी -ब्लाउज ) पहनती है, पैरो में एक विशेष चप्पल (अटकारिया) पहनती है। कमर में कमार्धन होता है, वही हाथो में विशेष प्रकार की चूड़ी पहनती है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी (Capital of Chhattisgarh) - रायपुर
छत्तीसगढ़ की राजधानी 'रायपुर' है। रायपुर छत्तीसगढ़ का सुबसे बड़ा शहर होने के साथ - साथ यहाँ पर कई बड़े औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र है। रायपुर का प्राचीन नाम सतयुग में कनकपुर, त्रेतायुग में हाटकपुर , द्वापरयुग में कंचनपुर और अब कलयुग में इसका नाम रायपुर पड़ा। रायपुर में बहुत अच्छे अच्छे मार्किट है, रायपुर भारत के आकर्षित देशो में से एक है। रायपुर में घुमने के बहुत सारे स्थान है।
छत्तीसगढ़ का प्रमुख व्यंजन (पकवान):-
छत्तीसगढ़ का प्रमुख व्यंजन बहुत सारे है अलग - अलग त्योहारों के अनुसार व्यंजन होते है। छत्तीसगढ़ का राजकीय मिठाई "पच्ची" को माना जाता है।
छत्तीसगढ़ के कुछ प्रमुख व्यंजन निम्न है -
- ठेठरी
- खुरमी
- गुलगुला- भजिया
- चिला
- आइरसा
- बरा (बड़ा )
- तसमई
- चौसेला
- फरा
- अंगाकर रोटी
- लाटा
- मुठिया
- पपची
छत्तीसगढ़ के त्यौहार (Festivals of Chhattisgarh):-
छत्तीसगढ़ में त्यौहार को 'तिहर' कहा जाता है और राज्य में त्यौहार को मनाने के लिए भरपूर तैयारी की जाती है। छत्तीसगढ़ के कुछ प्रमुख त्यौहार निम्न है -
हरेली
हरेली त्यौहार छत्तीसगढ़ राज्य में सावन के महीने में आयोजित किया जाता है इस तिहर में ग्रामीण क्षेत्रो के घरो में नीम के पत्ते दरवाजो में लगाये जाते है।
मड़ाई
यह त्यौहार एक पुराने आदिवासी समुदाय द्वारा गोडो के नाम से प्रसिद्ध है।
भगोरिया
भगोरिया को कुछ क्षेत्रों में भंगर्या या भोंगर्या भी कहा जाता है। भगोरिया पर्व नहीं भौंगर्या हाट है।
पोला
भोजली
भोजली का तिहर अगस्त माह में बनाया जाता है। रक्षा के दुसरे दिन भाद्रमास के प्रतिप्रदा को यह पर्व मनाया जाता है।
नाग पंचमी
सावन माह में इस पर्व को मनाया जाता है। जिसमे लोग शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग को दूध से नहलाते है। कुछ लोग अपने खेतो में जाकर नाग(सांप) की पूजा करते है ताकि सांप उन्हें कोई नुकसान न पहुचा पाए।
नवा खाना
नवा खाना छत्तीसगढ़ का प्रमुख और शुभ त्यौहार है। छत्तीसगढ़ के लोग अपने द्वारा उगाये गये नये फसलो को पकाकर खाते है।
छेरछेरा
छत्तीसगढ़ की खास बातें (Special things of Chhattisgarh):-
- छत्तीसगढ़ की लगभग 80 फीसदी जनसंख्या गावों में ही निवास करती है मात्र 20 फीसदी जनसंख्या शहरो में रहती है।
- छत्तीसगढ़ एक संसांधन संपन्न राज्य है , जो देश के लिए बिजली और इस्पात का मुख्य स्त्रोत है। ये राज्य के 15 फीसदी स्टील का निर्माण करता है।
- छत्तीसगढ़ भारत के फसल के उत्पादन में देश के उच्च राज्यों पर आता है और इसे "धान का कटोरा" के नाम से जाना जाता है।
- जंगली भैंस राज्य का राजकीय पशु है। छत्तीसगढ़ में इनकी दर्ज संख्या सिर्फ 8 है।
- छत्तीसगढ़ का राजकीय वृक्ष साल है।
- पहाड़ी मैंना को राज्य पक्षी का दर्जा प्राप्त है।
- छत्तीसगढ़ को प्राचीन काल में "दक्षिण कोसल" कहा जाता है ।
- भारत के 70 फीसदी तेंदू पत्तो का उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है तेंदू पत्तो का निर्माण बीडी बनाने के लिए किया जाता है।
- छत्तीसगढ़ के बीहड़ वनों तथा यहाँ की महानदी का स्पष्ट विवरण वाल्मीकि रामायण में भी मिलता है।
- छत्तीसगढ़ में भारतीय नियाग्र के नाम से प्रशिद्ध चित्रकूट जलप्रपात झरना जगदलपुर जिले में इंदेरावती नदी पर स्थित है।
निष्कर्ष (conclusion): -
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